रेटिंग : ⭐⭐⭐ (3/5)
निर्देशक :प्रियदर्शन
कलाकार : अक्षय कुमार, परेश रावल, असरानी, राजपाल यादव, वामिका गब्बी, तब्बू
अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी ने एक बार फिर वही पुराना जादू जगाने की कोशिश की है, जो कभी Hera Pheri जैसी फिल्मों में दिखा था— और फिल्म का पहला हिस्सा ये वादा काफी हद तक निभाता भी है।
फिल्म का फर्स्ट हाफ पूरी तरह कॉमेडी के नाम है— और यहीं ये फिल्म जीत जाती है। अक्षय कुमार की फिजिकल कॉमेडी, साथ में परेश रावल,राजपाल यादव, और असरानी की टाइमिंग— ये तिकड़ी मिलकर ऐसे पंच मारती है कि थिएटर में ठहाके रुकते नहीं।
डायलॉग्स हल्के-फुल्के लेकिन चुभते हुए हैं, और कई जगहों पर सिचुएशनल कॉमेडी बेहद असरदार बनती है।
जहां फिल्म का सेकंड हाफ शुरू होता है, वहीं से इसकी रफ्तार थोड़ी लड़खड़ाने लगती है। हॉरर का जो माहौल बनना चाहिए था, वो सतही रह जाता है।तब्बू और वामिका गब्बी जैसे कलाकार होने के बावजूद कहानी में वो गहराई नहीं आ पाती, जो डर और सस्पेंस को यादगार बना सके।
फिल्म बीच-बीच में मज़ेदार लेकिन व्यंग्यात्मक मैसेज देती है दिखावे और असली रिश्तों पर कटाक्ष ,टेक्नोलॉजी पर निर्भरता का हल्का मज़ाक और तंत्र-मंत्र की दुनिया में भी ‘नेपोटिज्म’ जैसी चुटकी लेकिन ये मैसेज उतने मजबूत तरीके से नहीं बैठते, जितना कि फिल्म की कॉमेडी बैठती है।
विजुअली फिल्म ठीक-ठाक है, सेट और माहौल अच्छे हैं, लेकिन हॉरर एलिमेंट को उभारने के लिए जिस तरह की ट्रीटमेंट चाहिए थी, वो नज़र नहीं आती।
भूत बंगला एक ऐसी फिल्म है जो आपको हंसाने में पूरी तरह सफल है, लेकिन डराने में उतनी नहीं। अगर आप कॉमेडी के लिए जा रहे हैं— तो पैसा वसूल। अगर हॉरर की उम्मीद लेकर जा रहे हैं— तो थोड़ा निराशा हाथ लग सकती है।

